MCG कर्मी बनकर वसूली करने वाला गिरफ्तार: जुर्माने का डर दिखाकर ठेकेदार से मांगे थे 10 हज़ार

एमसीजी प्रवक्ता ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि पहले भी पानी के बिल भरने को लेकर साइबर ठगों के मैसेज आ रहे थे। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को नकद राशि न दें और आधिकारिक बिलिंग माध्यमों का ही प्रयोग करें।

MCG : गुरुग्राम में नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के कर्मचारियों के नाम पर अवैध वसूली और ठगी का प्रयास करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति ठेकेदारों और चालकों को फर्जी चालान काटने और भारी जुर्माने का भय दिखाकर पैसे वसूलने की कोशिश कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान हितेश खत्री (35) के रूप में हुई है, जो न्यू कॉलोनी का रहने वाला है और वर्तमान में टैटू डिजाइनिंग का कोर्स कर रहा है।

यह मामला 21 नवंबर की शाम करीब 5-6 बजे का है। सेक्टर-14 स्थित केवी स्कूल के पीछे मलबा उठाने का काम कर रहे एक ठेकेदार के ट्रैक्टर चालक को दो व्यक्ति मिले। इन दोनों ने खुद को एमसीजी कर्मचारी बताया और ट्रैक्टर का चालान काटने की धमकी दी।

जुर्माने का भय: लाइसेंस न दिखाने पर भारी जुर्माना लगाने की धमकी देते हुए दोनों आरोपियों ने ट्रैक्टर चालक से फाइन से बचने के लिए 10 हजार रुपये नकद की मांग की।

ठेकेदार की शिकायत: जब ट्रैक्टर मालिक मौके पर पहुंचा, तो आरोपियों ने उस पर भी पैसे देने का दबाव बनाया। इसके बाद मालिक ने तुरंत पुलिस को इसकी शिकायत दी।

शिकायत मिलते ही सेक्टर-14 पुलिस सक्रिय हुई और 22 नवंबर की शाम को मुख्य आरोपी हितेश खत्री को गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, उसका दूसरा साथी अभी भी फरार है।

पुलिस पूछताछ में हितेश खत्री ने खुलासा किया कि उसने यह अवैध वसूली की योजना अपने एक दोस्त के साथ मिलकर बनाई थी, जो एमसीजी में डीसी रेट (दैनिक मजदूरी) पर काम करता है।

हितेश ने कबूल किया कि उनकी योजना एमसीजी कर्मचारी बनकर ठेकेदारों और चालकों को डराकर अवैध रूप से पैसे वसूलने की थी। इसी क्रम में उसने फर्जी तरीके से एमसीजी का रौब दिखाकर 10 हजार रुपए की मांग की थी।

पुलिस ने हितेश खत्री के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। 23 नवंबर को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस गहन जांच कर रही है।

पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि एमसीजी कर्मचारियों के नाम पर इस तरह की ठगी की अन्य शिकायतें भी मिल रही हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई भी व्यक्ति एमसीजी कर्मचारी बनकर नकद राशि की मांग करता है, तो तुरंत नजदीकी थाने या 112 नंबर पर सूचना दें।

एमसीजी प्रवक्ता ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि पहले भी पानी के बिल भरने को लेकर साइबर ठगों के मैसेज आ रहे थे। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को नकद राशि न दें और आधिकारिक बिलिंग माध्यमों का ही प्रयोग करें।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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